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Ehtiyaatan! kam gujarta – Abhishek 5/5 (1)

एहतियातन! कम गुज़रता हूँ,
यादों की पुरानी गलियों से!
नई सड़क बनने के बाद,
पुराने बस रास्ते रह जाते हैैं!!

……. अभिषेक मनु कुमार

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