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फ़रेबी वो – मेरी Amanat 5/5 (1)

पलभर में मर जाना, पल पल मरने से अच्छा है,
तेरा न होना ही तेरे होने से तो अच्छा है…

तेरा सच कहकर मुकर जाना रुलाता तो बहुत था,
पर, हाँ शायद, देखते हैं…से अच्छा है…

हिदायतें काफ़ी दीं मेरे अपनों ने मुझे,
के तुझसे दूर होना मेरी सेहत के लिए अच्छा है…

यादें तो इम्तेहां लेतीं हैं आज भी,
पर उनमें जीना, तुझ संग मरने से अच्छा है…

बसर तो मेरा रो रोकर भी चल ही रहा था,
पर यूँ बे- बसर चलना शायद पहले से अच्छा है…

……. मेरी Amanat

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