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Kal ki fikra karoge jo – Gavesh 5/5 (1)
Book Of The Day

कल की फ़िक्र करोगे जो कल कभी ना आएगा, 
कल-कल बहते नीर सा यह कल भी बह जाएगा! 

…… गवेश जोगाणी ‘गवेषक’

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